दुनिया में कितने लोग भूख प्यास से मर जाते हैं ,
हमारा फ़र्ज़ है कि हम ऐसे लोगों को ध्यान में रखते हुए त्याग करें ......
होली पर पानी कि बर्बादी ना करें
दीपावली पर पटाखे ना चलायें
कोई भी त्यौहार आते ही पूरा का पूरा सोशल मीडिया ऐसे ज्ञान से भर जाता है
मने हर कोई त्यागी और ज्ञानी हो जाता है
अब सुनो मेरी #छोटी_सी_अकल_की_बड़ी-सी_दौड़ .....
आप सभी के घर में कोई ना कोई छोटा बच्चा तो जरूर ही होगा
बहुत शैतानी करता होगा, खाना नही खाता होगा
आपकी बिलकुल भी नही सुनता होगा
तो जब एक छोटा सा बच्चा जो कि आप पर ही निर्भर है, आप उसको नही सिखा सकते तो और किसी को कैसे सिखा सकते हैं
मैं किसी की Parenting पर ऊँगली नही उठा रही , ना ही किसी को Hurt करना चाहती हूँ
बस एक बात जो मैं सोचती हूँ, वही सबसे शेयर करना चाहती हूँ
कोई भी इंसान अपना त्यौहार कैसे मनाता है, ये उसका अपना निर्णय है
हम किसी को रोक नही सकते
हम जो भी कर सकते हैं वो सिर्फ ये है कि खुद में सुधार .....
हमारी वजह से किसी को कोई परेशानी ना हो
अगर किसी को रंगों से अलर्जी है या कोई रंगों से नही खेलना चाहता तो उस पर रंग ना डालें
या दीपावली पर रास्ते में पटाखे ना रखें
बस इतना ही......
बाकी जैसे अपना मन हो वैसे त्यौहार मनाओ और जैसा दूसरा मनाना चाहे उसे मनाने दो
दो लाइन्स याद आ रही हैं, सोच रही हूँ कि लिख ही दूं-
"बदलना सारे ज़माने को इक ख्वाब सा है,
अगर तुम खुद को बदल लो तो इन्कलाब सा है"
इसी बात पर ..... होली है ......
रंग बिरंगी होली के मौसम की शुभकामनाएं
वैसे मैं बता दूं कि मुझे गुजिया खाने से कोई परहेज़ नही है, जो भी चाहे वो मेरे लिए ला सकता है
बस भांग वाली नही होनी चाहिए :D :D
हमारा फ़र्ज़ है कि हम ऐसे लोगों को ध्यान में रखते हुए त्याग करें ......
होली पर पानी कि बर्बादी ना करें
दीपावली पर पटाखे ना चलायें
कोई भी त्यौहार आते ही पूरा का पूरा सोशल मीडिया ऐसे ज्ञान से भर जाता है
मने हर कोई त्यागी और ज्ञानी हो जाता है
अब सुनो मेरी #छोटी_सी_अकल_की_बड़ी-सी_दौड़ .....
आप सभी के घर में कोई ना कोई छोटा बच्चा तो जरूर ही होगा
बहुत शैतानी करता होगा, खाना नही खाता होगा
आपकी बिलकुल भी नही सुनता होगा
तो जब एक छोटा सा बच्चा जो कि आप पर ही निर्भर है, आप उसको नही सिखा सकते तो और किसी को कैसे सिखा सकते हैं
मैं किसी की Parenting पर ऊँगली नही उठा रही , ना ही किसी को Hurt करना चाहती हूँ
बस एक बात जो मैं सोचती हूँ, वही सबसे शेयर करना चाहती हूँ
कोई भी इंसान अपना त्यौहार कैसे मनाता है, ये उसका अपना निर्णय है
हम किसी को रोक नही सकते
हम जो भी कर सकते हैं वो सिर्फ ये है कि खुद में सुधार .....
हमारी वजह से किसी को कोई परेशानी ना हो
अगर किसी को रंगों से अलर्जी है या कोई रंगों से नही खेलना चाहता तो उस पर रंग ना डालें
या दीपावली पर रास्ते में पटाखे ना रखें
बस इतना ही......
बाकी जैसे अपना मन हो वैसे त्यौहार मनाओ और जैसा दूसरा मनाना चाहे उसे मनाने दो
दो लाइन्स याद आ रही हैं, सोच रही हूँ कि लिख ही दूं-
"बदलना सारे ज़माने को इक ख्वाब सा है,
अगर तुम खुद को बदल लो तो इन्कलाब सा है"
इसी बात पर ..... होली है ......
रंग बिरंगी होली के मौसम की शुभकामनाएं
वैसे मैं बता दूं कि मुझे गुजिया खाने से कोई परहेज़ नही है, जो भी चाहे वो मेरे लिए ला सकता है
बस भांग वाली नही होनी चाहिए :D :D