Saturday, 22 April 2017

बड़े काम का हैश टैग



हैश टैग की भाषा ..........
आजकल फसबुक पर हर दूसरी तस्वीर कैप्शन के साथ पोस्ट की जाती है  और उस कैप्शन में होते हैं ढेर सारे हैश टैग्स ....ज़्यादातर हैश टैग्स अपने शब्दों को बोल्ड दिखने के लिए ऐड किये जाते हैं
एक एक कैप्शन में ४-५ हैश टैग्स.....

क्या आपको पता है कि इन हैश टैग की क्या उपयोगिता है
और हम...... इसके साथ क्या कर रहे हैं ....

कुछ दिनों पहले मैंने फेसबुक पर ही एक प्रोफेसर का लेख पढ़ा था, जिसमे उन्होंने अपने स्टूडेंट्स को कोई प्रोजेक्ट दिया था और उन सबको अपने-अपने प्रोजेक्ट्स फेसबुक पर ही एक particular हैश टैग के साथ पोस्ट करने को कहा था, उसका फायदा ये हुआ कि अब कोई भी उस particular हैश टैग पर क्लिक करके सारे प्रोजेक्ट्स देख सकता है और उसका लाभ उठा सकता है.

आप फेसबुक इस्तेमाल करते वक़्त किसी भी हैश टैग पर क्लिक किजिये और देखिये  कि क्या क्या मटेरियल दिखाई देता है, अब आप अपने ही किसी हैश टैग वाले कैप्शन पर क्लिक करके देखिये.....
आप अपनी किसी पब्लिक पोस्ट पर जो भी हैश टैग देते हैं वो सर्च में दिखाई देता है

आप हैश टैग के माध्यम से अपना खुद का ब्रांड बना सकते हैं या अपनी कोई शायरी, creativity, या और कोई स्किल को searchable बना सकते हैं , बस जरूरत है तो हैश टैग के सही इस्तेमाल की .......
ऐसा न हो कि आपके किसी हैश टैग कैप्शन पर कोई क्लिक करे तो उसे सिर्फ बेकार की चीज़ें दिखाई दें

तो अब से अपनी किसी भी पब्लिक पोस्ट पर ध्यान देकर हैश टैग करें और सार्थक शब्दों को ही हैश टैग बनाएं
धन्यवाद 

Tuesday, 11 April 2017

I 'Unlike' You




अनलाइक ,,,,,
कभी सोचा है कि फेसबुक पर ये बटन क्यों नहीं है
कुछ समय पहले फेसबुक पर लाइक के साथ साथ और भी Expressions जोड़े गये थे, जैसे नाराजगी का, ख़ुशी का, प्यार का..... लेकिन unlike का क्यों नहीं......

फेसबुक पर हम सब बहुत सारे दोस्त बनाते हैं, पर ये दोस्त कभी भी हमारे उन दोस्तों जैसे नहीं बन सकते जो हमारे मुंह पर ही कह सकें कि हमारी बात उन्हें अच्छी नहीं लगी, या हमारी फोटो बहुत ही खराब आई है
आज के दौर में फेसबुक पर "nice pic" ने कहर सा मचा रखा है,
बात मज़ाक की जरूर है लेकिन सच भी है
आज के टाइम में कई बड़े बुजुर्ग भी फेसबुक पर सक्रिय हैं, हो सकता है कि उन्हें बच्चों के फोटो न अच्छे लगते हो या उनकी बाते बच्चो को अच्छी न लगती हो, पर लाइक तो करना ही है न , कमेंट में nice pic , nice written भी लिखना ही है
nice pic, nice written ..... एक फॉर्मल सी तारीफ,,,,,,,
लेकिन हम खुश हो जाते हैं
पर इसने कही कोई अपनापन महसूस नहीं होता, कही कोई चुहलबाजी नहीं....
ये सही है कि लोग बहुत सारी फोटो में से छांटकर सबसे अच्छी pic अपलोड करते हैं, सबसे अच्छा स्टेटस डालते हैं, और किसी को उन्हें हतोत्साहित नहीं करना चाहिए
पर शायद हम सुनना भी नहीं चाहते अपने बारे में कोई बुरी बात.....
कोई अगर लगातार हमारे बारे में बुरा बोलेगा तो शायद हम उसे ब्लॉक ही कर देंगे,

शायद इसलिए ही ज़ुकरू भैया ने unlike का बटन नही दिया, क्योंकि फेसबुक की दुनिया नये नये दोस्त बनाने से ही बढती है और अगर unlike वाले आप्शन कि वजह से सब एक दूसरे को ब्लॉक करते रहे तो फेसबुक बंद ही हो जाएगा न,,,,,,

नोट- इस लेख का मतलब ये नहीं है कि मेरी फोटू या स्टेटस पर "nice pic, nice written" न लिखा जाए, अरे भई मुझे भी तारीफ़ चाहिए और फेसबुक कि दुनिया में बने रहना भी तो है,,,
"Nice Pic" अमर रहे

Saturday, 1 April 2017

amazon ad.


अभी कल ही मेरी एक सहेली ने whatsapp पर मुझे ये तस्वीर भेजी थी जिसमें दिखाया गया है कि amazon पर गोबर के कंडे भी sale हो रहे हैं . उसके बाद मैंने और भी कुछ चीज़ें सर्च करके देखीं , जैसे- बेल पत्र, तुलसी इत्यादि . देखकर हैरानी हुयी और साथ ही साथ ख़ुशी भी कि ये सभी चीज़ें ऑनलाइन उपलब्ध हैं.

अब सुनो मेरी छोटी सी अक्ल की बड़ी सी दौड़..........
अगर ये चीज़ें ऑनलाइन sale हो रही हैं तो इसमें मजाक बनाने जैसी कोई बात नही है
बल्कि हमे तो खुश होना चाहिए,
बाज़ार वही बेचता है जो लोग खरीदना चाहते हैं
और लोगो में ये चीज़ें खरीदने कि जागरूकता होना एक बहुत अच्छा संकेत है
आजकल बड़े बड़े शहरों में न तो कोई गाय या भैंस पालता है और न ही कोई बेल का पेड़ लगाता है
हाँ तुलसी जी शायद कई लोग अपने घरो में लगाते हैं
लेकिन इन्ही बड़े बड़े शहरों में, जिनके बारे में हम सोचते हैं कि जहाँ हमारी संस्कृति और रीति रिवाज़ ख़त्म से हो चुके हैं , वहां इन सभी चीज़ों कि डिमांड बने रहना तो ख़ुशी की  बात है

 आज जबकि हमारा देश फिर से विश्व गुरु बनने कि ओर अग्रसर है वहाँ ऐसी न्यूज़ मन को बहुत सुकून देती है
-विभा