अभी कल ही मेरी एक सहेली ने whatsapp पर मुझे ये तस्वीर भेजी थी जिसमें दिखाया गया है कि amazon पर गोबर के कंडे भी sale हो रहे हैं . उसके बाद मैंने और भी कुछ चीज़ें सर्च करके देखीं , जैसे- बेल पत्र, तुलसी इत्यादि . देखकर हैरानी हुयी और साथ ही साथ ख़ुशी भी कि ये सभी चीज़ें ऑनलाइन उपलब्ध हैं.
अब सुनो मेरी छोटी सी अक्ल की बड़ी सी दौड़..........
अगर ये चीज़ें ऑनलाइन sale हो रही हैं तो इसमें मजाक बनाने जैसी कोई बात नही है
बल्कि हमे तो खुश होना चाहिए,
बाज़ार वही बेचता है जो लोग खरीदना चाहते हैं
और लोगो में ये चीज़ें खरीदने कि जागरूकता होना एक बहुत अच्छा संकेत है
आजकल बड़े बड़े शहरों में न तो कोई गाय या भैंस पालता है और न ही कोई बेल का पेड़ लगाता है
हाँ तुलसी जी शायद कई लोग अपने घरो में लगाते हैं
लेकिन इन्ही बड़े बड़े शहरों में, जिनके बारे में हम सोचते हैं कि जहाँ हमारी संस्कृति और रीति रिवाज़ ख़त्म से हो चुके हैं , वहां इन सभी चीज़ों कि डिमांड बने रहना तो ख़ुशी की बात है
आज जबकि हमारा देश फिर से विश्व गुरु बनने कि ओर अग्रसर है वहाँ ऐसी न्यूज़ मन को बहुत सुकून देती है
-विभा

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